Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • HOME
    • Privacy Policy
    • About US
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    AWBIAWBI
    Button
    • Home
    • Biography

      The Role of Licensed Guides in Preserving Archaeological Heritage

      16/03/2026

      Skin vs. Sweets: What Festive Foods Are Really Doing to Your Face

      03/10/2025

      Khan Sir Biography: Everything You need to know

      12/04/2025

      Ashneer Grover Biography: Age, Wife, Net Worth

      11/04/2025

      Alakh Pandey-Physics Wallah: Wife, Age, Net Worth

      10/04/2025
    • Sports

      A Beginner’s Guide to Collecting Motorsport Merchandise

      06/03/2026

      Do Olympic Athletes Get Paid? Here’s the Truth

      21/04/2025

      How Are Olympic Athletes Paid?

      04/03/2025

      Djokovic vs Alcaraz Head to Head In 2025

      22/02/2025

      Alcaraz vs Tiafoe: Tennis Next Big Rivalry Unfolds

      22/02/2025
    • Entertainment
      1. Gaming
      2. Web Series
      3. Movies
      Featured

      Springleaf Residence vs Promenade Peak: Family Condo Guide

      14/07/2025
      Recent

      Springleaf Residence vs Promenade Peak: Family Condo Guide

      14/07/2025

      Funniest Work-Related Puns to Brighten Any Professional Setting

      28/05/2025

      Star Gold Thrills Schedule Today: Know Movies List and Telecast time

      11/04/2025
    • Finance

      Hidden Benefits of Family Health Insurance Plans That Most Parents Don’t Know About

      05/03/2026

      Tips for Managing Credit Card Debt Without Stress

      10/09/2025

      Types of Money Market Funds

      31/08/2025

      The Role of AI in Finance and Banking Automation

      29/08/2025

      CSM vs ACSPO Certification: Which Agile Path to Choose?

      28/07/2025
    • General News
      1. News
      Featured

      10 Reasons Entrepreneurs Prefer the EU Over the UK After Brexit

      26/11/2025
      Recent

      10 Reasons Entrepreneurs Prefer the EU Over the UK After Brexit

      26/11/2025

      Nicotine Pouches: A Complete Guide to Benefits, Risks & How They Work

      13/11/2025

      How to Leverage Sharjah Free Zones For International Trade

      10/03/2025
    • Health

      Testogel for Women: A Clinical Guide to Restoring Libido and Vitality

      27/02/2026

      Perfume After Shower: Is It the Best Time to Apply It?

      22/01/2026

      Different Types of Walking Sticks for Seniors and When Each One is Needed

      13/01/2026

      How Night Creams Work While You Sleep: The Science Explained

      26/12/2025

      The 10 Best AI Video and Image-to-Video Tools in 2025 for Face Swap and Creative Content

      13/12/2025
    • Lifestyle

      Reasons you need cute slippers you didn’t know about!  

      08/01/2026

      Winter Wardrobe Wonders: Stylish and Cozy Dresses for Women to Layer Up in 2025

      07/10/2025

      Beyond the Skirt: Exploring Androgynous Streetwear and Soft Grunge Femboy Looks

      31/08/2025

      Why Every Man Needs a Cashmere Sweater in His Wardrobe

      26/08/2025

      Last Call for Summer Fun: Adventures to Squeeze in Before Fall Arrives

      16/08/2025
    • Tech

      How 5G Technology Improves Live Casino Speed In Singapore

      08/02/2026

      Why automated testing alone is not enough for WCAG compliance

      03/11/2025

      Best Text to Video AI Generator 2025 Review: Pros, Cons & Prices

      19/09/2025

      Are High-Security Key Systems Worth It Compared to Standard Locks?

      01/09/2025

      Top 5 Indoor Positioning Systems for National Parks and Zoos

      21/08/2025
    • Audit
    AWBIAWBI
    Home » Sanskrit Shlok on life with hindi meaning

    Sanskrit Shlok on life with hindi meaning

    VIDUSHY DUBEYBy VIDUSHY DUBEY10/04/2025Updated:12/04/20252 Comments6 Mins Read
    sanskrit-shlok

    Sanskrit Shlok: जीवन पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित – प्राचीन काल में भारतवर्ष में बोली जाने वाली भाषा संस्कृत है जिसमें अनगिनत श्लोक है जिन का अध्ययन करके व्यक्ति अपने चरित्र को और भी बलवान बना सकता है और जीवन यापन बेहतर बनाने में उसकी यह संस्कृत श्लोक मदद कर सकते हैं। हमने आमतौर पर अपने स्कूल में संस्कृत तो पड़ी है पर उन श्लोक का जीवन में मतलब आज भी पढ़े तो समझ आता है कि यह भाषा कितनी गहराई से बनाई गई है जिसका अगर कोई भी श्लोक पढ़ा जाए तो जीवन को बेहतर बनाने वाला ही होता है अगर यह भाषा हम अपने दैनिक जीवन में थोड़ा थोड़ा सीखने का प्रयास करें तो हमारा जीवन काफी सरल बन जाएगा क्योंकि माना जाता है कि संस्कृत भाषा से बुद्धि का भी प्रबंध विकास होता है।

    आज हम यहां आपके सामने कुछ संस्कृत श्लोक(Sanskrit Shlok) उनके हिंदी अर्थ सहित प्रस्तुत कर रहे हैं और आशा यही रहेगी कि आपके जीवन में इंच लोग की मदद से कुछ बदलाव आए एवं यह जीवन पहले से सरल व शांति दायक बने। अगर आपको कुछ लोग पसंद आए या सभी श्लोक में जिंदगी का सार दिखे तो कृपया इस आर्टिकल को शेयर कीजिए और दी हुई सीखो को अपने जीवन में लाने की कोशिश कीजिए।

    1. जीवितं क्षणविनाशिशाश्वतं किमपि नात्र।
    अर्थ: यह क्षणभुंगर जीवन में कुछ भी शाश्वत नहीं है।

    2. अविश्रामं वहेत् भारं शीतोष्णं च न विन्दति ।
    ससन्तोष स्तथा नित्यं त्रीणि शिक्षेत गर्दभात् ॥
    अर्थ : विश्राम लिए बिना भार वहन करना, ताप-ठंड ना देखना, सदा संतोष रखना यह तीन चीजें हमें गधे से सीखनी चाहिए।

    3. मनःशौचं कर्मशौचं कुलशौचं च भारत ।
    देहशौचं च वाक्शौचं शौचं पंञ्चविधं स्मृतम्।
    अर्थ: मन शौच, कर्म शौच, देश शौच और वाणी शौच यह पांच प्रकार के शौच हैं।

    4. जीविताशा बलवती धनाशा दुर्बला मम्।।
    अर्थ: मेरी जीवन की आशा बलवती है पर धन की आशा दुर्लभ है।

    5. जीवचक्रं भ्रमत्येवं मा धैर्यात्प्रच्युतो भव।
    अर्थ: जीवन का चक्र ऐसे ही चलता है इसीलिए धैर्य ना खोए।

    6. नो चेज्जातस्य वैफल्यं कास्य हानिरितिः परा।
    अर्थ: जीवन की विफलता से बढ़कर क्या हानि होगी।

    7. न दाक्षिण्यं न सौशील्यं न कीर्तिःनसेवा नो दया किं जीवनं ते।
    अर्थ: ना दान है ना सुशीलता है ना कीर्ति है ना सेवा है ना दया है तो ऐसा जीवन क्या है?

    8. यथा चित्तं तथा वाचो यथा वाचस्तथा क्रियाः !
    चित्ते वाचि क्रियायांच साधुनामेक्रूपता !!

    अर्थ: साधु जन वही बोलते हैं जो उनके चित्र में होता है और जो उनके चित्र में होता है वही उनकी क्रिया में होता है। ऐसे साधु जन के मन वचन एवं क्रिया में समानता होती है।

    9. यस्तु सञ्चरते देशान् सेवते यस्तु पण्डितान् !
    तस्य विस्तारिता बुद्धिस्तैलबिन्दुरिवाम्भसियस्तु सञ्चरते देशान् सेवते यस्तु पण्डितान् !तस्य विस्तारिता बुद्धिस्तैलबिन्दुरिवाम्भसि।।

    अर्थ: वह व्यक्ति जो भिन्न-भिन्न देशों में भ्रमण करता है एवं विद्वानों की सेवा करता है ऐसे व्यक्ति की बुद्धि उसी तरह बढ़ती है जैसे तेल की बूंद पानी में फैल जाती है।

    10. शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पण्डितः !वक्ता दशसहस्रेषु दाता भवति वा न वा !!
    अर्थ: 100 लोगों में एक शूरवीर होता है, हजार लोगों में एक पंडित(विद्वान) होता है, 10000 लोगों में वक्ता होता है, लाख लोगों में एक दानी होता है।

    11. न चोरहार्य न राजहार्य न भ्रतृभाज्यं न च भारकारि !व्यये कृते वर्धति एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्।।
    अर्थ: जिसे ना चोर चुरा सकता है, ना ही राजा छीन सकता है, ना ही इसे संभालना मुश्किल है, नाही भाइयों में बंटवारा हो सकता है, यह खर्च करने से भरने वाला धन विद्या है जो सर्वश्रेष्ठ है।

    12. आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः !नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति !!
    अर्थ : मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु आलस्य है और मित्र परिश्रम होता है क्योंकि परीक्षण करने वाला कभी दुखी नहीं हो सकता।

    13. सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम् !वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव संपदः।।
    अर्थ: विवेक में ना रहना सबसे बड़ा दुर्भाग्य है इसलिए बिना सोचे समझे कोई काम नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति सोच समझकर कार्य करता है मां लक्ष्मी स्वयं उसका चुनाव करती है।

    14. मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः।
    अर्थ: मन ही मनुष्य के मोक्ष तथा बंधन का कारण है।

    15. संतोषवत् न किमपि सुखम् अस्ति ॥
    अर्थ: संतोष के समान कोई सुख नहीं है।

    16. दारिद्रय रोग दुःखानि बंधन व्यसनानि च।आत्मापराध वृक्षस्य फलान्येतानि देहिनाम्।
    अर्थ: दरिद्र रोग दुख बंधन और बताएं यह आत्मा रूपी वृक्ष के अपराध का फल है जिसका उपभोग मनुष्य को करना ही पड़ता है।

    17. निर्विषेणापि सर्पेण कर्तव्या महती फणा।विषं भवतु वा माऽभूत् फणटोपो भयङ्करः।
    अर्थ: सांप जहरीला ना होने पर भी फन जरूर उठाता है, अगर वह ऐसा भी ना करें तो लोग उसकी रीड को जूतों से कुचल कर तोड़ देंगे।

    18. अनाहूतः प्रविशति अपृष्टो बहु भाषते !अविश्वस्ते विश्वसिति मूढचेता नराधमः !!
    अर्थ: किसी स्थान पर बिन बुलाए चले जाना, बिना पूछे बोलते रहना, किसी व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना मूर्ख लोगों के लक्षण हैं।

    19. षड् दोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता !निद्रा तद्रा भयं क्रोधः आलस्यं दीर्घसूत्रता !!
    अर्थ: व्यक्ति के बर्बाद होने के छह लक्षण है- नींद, तद्रा, क्रोध, आलस्य एवं काम को टालने की आदत।

    20. विद्वत्वं च नृपत्वं च नैव तुल्यं कदाचन !स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान् सर्वत्र पूज्यते !!
    अर्थ: राजा और विद्वान में कभी तुलना नहीं हो सकती क्योंकि राजा अपने राज्य में पूजा जाता है वही विद्वान जहां जाता है वहां पूजनीय है।

    21. जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं !मानोन्नतिं दिशति पापमपा करोति !!
    अर्थ: बुद्धि की जटिलता को हरने वाला अच्छे दोस्तों का साथ है। बोली सच बोलने लगती है, महान और उन्नति पड़ती है तथा पाप मिट जाता है।

    22. उद्यमेन हि सिध्यन्ति, कार्याणि न मनोरथैः।न हि सुप्तस्य सिंहस्य, प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥
    अर्थ: परिश्रम से कार्य सिद्ध होते हैं केवल मनोरथ से नहीं। सोते हुए सिंह के मुख में मृग स्वयं ही प्रवेश नहीं करता, उसे अपना शिकार स्वयं ही करना पड़ता है।

    23. प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यं वचने का दरिद्रता॥
    अर्थ: प्रिय वचन बोलने से सब जन संतुष्ट होते हैं इसलिए प्रिय वचन ही बोले। प्रिया वचन बोलने से कहां दरिद्रता आती अर्थात प्रवचन बोलने से कहीं नहीं मिलता नहीं आती तो प्रिया वचन बोले।

    24. काकचेष्टो बकध्यानी श्वाननिद्रस्तथैव च।
    अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पञ्चलक्षणः॥

    अर्थ: कोई जैसी चेष्टा अगले जैसा ध्यान कुत्ते जैसी निंद्रा तथा कम खाने वाला और ग्रह का त्याग करने वाला यही विद्यार्थी के पांच लक्षण है।

    25. सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।सद्भिर्विवादं मैत्री च नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्॥
    अर्थ: सज्जनों के साथ बैठना, सज्जनों के साथ ही संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही विवाद एवं मित्रता करनी चाहिए सज्जनों के साथ कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए।

    Disclaimer: ऊपर दिए गए श्लोक का हिंदी अर्थ हमने सामान्य भाषा में बताने की कोशिश की है हम इसका दावा नहीं करते कि यह निश्चित ही श्लोक का हिंदी अवतरण है। हमने इस आर्टिकल की मदद से संस्कृत श्लोक एवं उनके हिंदी अर्थ आप तक पहुंचाने की कोशिश की है और यही हमारा मुख्य उद्देश्य था आशा करते हैं कि आपको श्लोक के हिंदी अर्थ सामान्य भाषा में समझ आए होंगे और आपका जीवन कुछ हद तक पहले से बेहतर बनाने में यह श्लोक मदद करें।

    Fact
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    VIDUSHY DUBEY
    • Website

    Related Posts

    Top 10 Popular YouTubers in India in 2025

    11/04/2025

    कम्प्यूटर क्या है – जानिए विशेषताएं, परिभाषा, उपयोगिता व अन्य जानकारी

    10/04/2025

    Shark Tank India Judges Name with Company and Net Worth [Updated]

    10/04/2025

    Top 45+ Beautiful South Indian Actress Name with Photos [Updated]

    08/02/2025

    Top 10 Most Handsome Men In The World 2024

    01/07/2024

    Most Beautiful Women In The World 2024

    30/06/2024

    2 Comments

    1. जितेन्द्र कुमार तिवारी on 22/09/2023 12:40 PM

      जो बहुत से ग्रन्थों को पढ़ने के बाद आचरण में नहीं लाते वह भार ढोने वाले गधे ही हैं इस पर संस्कृत श्लोक

      Log in to Reply
    2. दिनेश भावसार on 22/09/2023 12:40 PM

      श्लोक २४ का प्रथम पक्ति का अर्थ है- कोव्वें जैसी चेष्टा (प्रयत्न ) व बगुले जैसा ध्यान….

      Log in to Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    You must be logged in to post a comment.

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    Latest Posts

    The Evolution of Sneakers in Modern Fashion

    19/03/2026

    Know How Step-Up SIP Calculators Help Long-Term Investors Track Compounding

    16/03/2026

    The Role of Licensed Guides in Preserving Archaeological Heritage

    16/03/2026

    From Shelter to State Capitol: How Rescue Animals Became Official Symbols

    14/03/2026

    Houston Truck Collision Claims: Proving Company Negligence

    13/03/2026

    The Rise of Micro-Catering: Why Small, Curated Events Are the New Luxury

    12/03/2026

    When Is It Time to Invest in Your Outdoor Space?

    10/03/2026

    What Your Psychiatrist Wants You to Know About Starting Medication

    06/03/2026

    A Beginner’s Guide to Collecting Motorsport Merchandise

    06/03/2026

    Hidden Benefits of Family Health Insurance Plans That Most Parents Don’t Know About

    05/03/2026
    AWBI
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • About US
    • Contact Us
    © Copyright 2026, All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.